प्रशासन और अर्थव्यवस्था
"उत्तर प्रदेश में द्वि-स्तरीय विधान मंडल और राज्यपाल हैं"

दोनों सदन विधान सभा और विधान परिषद कहलाते हैं।

राज्य में एक उच्च न्यायलय है । राज्य सरकार का नियोजन विभाग प्रदेश के लिए विकास योजना बनाने के लिए जिम्मेदार है । राज्य में बड़ी संख्या में ग्राम स्तर पर सभाएं है जिन्हें पंचायत कहा जाता है । उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जनपद में स्थित शाहाबाद पंचायत प्रदेश की सबसे विकसित पंचायतों में एक है । उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ी जनसँख्या वाला प्रदेश है और यहाँ की जनसँख्या 19.96 करोड़ से अधिक है । यह प्रदेश विश्व में किसी भी देश का सबसे बड़ी जनसँख्या वाला प्रदेश है । प्रदेश में 18 मंडल और 75 जनपद हैं । मंडल इस प्रकार हैं – आगरा, अलीगढ, आजमगढ़, इलाहबाद, कानपुर, गोरखपुर, चित्रकूटधाम, झाँसी, देवीपाटन, फैजाबाद, बरेली, बस्ती, मिर्जापुर, मुरादाबाद, मेरठ, लखनऊ, वाराणसी, सहारनपुर । प्रदेश में 80 लोक सभा क्षेत्र और 403 विधान सभा क्षेत्र हैं ।


अर्थव्यवस्था: प्रदेश में कई प्रकार के खनिज पाए जाते हैं। इनके आधार पर प्रदेश में कई तरह के उद्योग चलते हैं ।

पश्चिम और पूर्व के कई जिलों में अधिकतर लोग कृषि पर आधारित हैं । गेहूं, धान, दलहन, तिलहन, गन्ना और आलू प्रमुख कृषि उत्पाद हैं । गन्ना प्रदेश की प्रमुख उपज में एक है । आम और अन्य कई फल भी प्रदेश में बड़े पैमाने पर लगाये जाते हैं । प्रदेश में कई विश्वविद्यालय, शोध संस्थान और निर्माण संयंत्र हैं. कानपुर में आई आई टी, लखनऊ में आई आई एम के आतिरिक्त विश्वविद्यालयों में लखनऊ, गोरखपुर, बुंदेलखंड (झाँसी), रूहेलखंड (बरेली), कानपुर, आगरा, पूर्वांचल (जौनपुर), चौधरी चरण सिंह (मेरठ) प्रमुख हैं । अन्य संस्थानों में बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, गोरखपुर एन आई टी, कानपुर में एच बी टी आई, इलाहबाद में आई आई आई टी और आगरा में दयालबाग शिक्षण संस्थान प्रमुख हैं ।

"प्रदेश में मुख्य तौर पर लोहे के सामान, चमड़े के उत्पाद, हस्तशिल्प, कालीन उद्योग, शीशा उद्योग, बिजली के उपकरण बनते हैं ।"

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अंतिम नवीनीकृत तिथि : शुक्रवार, Sep 11 2015 5:42PM