प्रशासन और अर्थव्यवस्था
"प्रशासन: उत्तर प्रदेश में द्वि-स्तरीय विधान मंडल और राज्यपाल हैं

प्रशासन:दोनों सदन विधान सभा और विधान परिषद कहलाते हैं।

राज्य में एक उच्च न्यायलय है । राज्य सरकार का नियोजन विभाग प्रदेश के लिए विकास योजना बनाने के लिए उत्तरदायी है । राज्य में बड़ी संख्या में ग्राम स्तर पर सभाएं है जिन्हें पंचायत कहा जाता है । उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जनपद में स्थित शाहाबाद पंचायत प्रदेश की सबसे विकसित पंचायतों में एक है । उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ी जनसँख्या वाला प्रदेश है और यहाँ की जनसँख्या 2011 जंगदना आख्या के आधार पर 19.96 करोड़ से अधिक है । यह दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश उपखंड है । प्रदेश में 18 मंडल और 75 जनपद हैं । मंडल इस प्रकार हैं – आगरा, अलीगढ, आजमगढ़, इलाहबाद, कानपुर, गोरखपुर, चित्रकूटधाम, झाँसी, देवीपाटन, फैजाबाद, बरेली, बस्ती, मिर्जापुर, मुरादाबाद, मेरठ, लखनऊ, वाराणसी तथा सहारनपुर । प्रदेश में कुल 403 निर्वाचन क्षेत्र हैं।


अर्थव्यवस्था:

उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है जो देश की आबादी का 16.4 प्रतिशत हिस्सा है। साथ ही भौगोलिक क्षेत्र के संदर्भ में भी यह देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है जो कि देश के भौगोलिक क्षेत्र का 9.0 प्रतिशत हिस्सा है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख क्षेत्र कृषि है। यहाँ के प्रमुख कृषि उत्पाद गेहूं, धान, दलहन, तिलहन, गन्ना और आलू हैं । गन्ना प्रदेश की प्रमुख उपज में से एक है जो कि एक नकदी फसल (कैश क्रॉप) है । साथ ही यहाँ सेब एवं आम संग अन्य कई फलों का उत्पाद भी किया जाता है।
पर्यटन, कंप्यूटर हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर, सूचना प्रौद्योगिकी उत्पाद एवं हस्तशिल्प भी राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अन्य प्रमुख योगदानकर्ता हैं।

"प्रदेश में मुख्य तौर पर लोहे के सामान, चमड़े के उत्पाद, हस्तशिल्प, कालीन उद्योग, शीशा उद्योग, बिजली के उपकरण बनते हैं ।"

राज्य देश में खाद्यान्न का सबसे बड़ा उत्पादक है, विशेषकर गेहूं, गन्ना, दाल और आलू। 2001-02 में देश में उत्पादित एक तिहाई गेहूं उत्तर प्रदेश से आया था, तथा 2001-02 के दौरान भारत में कुल गन्ने के उगने वाले क्षेत्र का लगभग आधा उत्तर प्रदेश में था। राज्य में विविध एवं स्वाभाविक रूप से विकसित औद्योगिक गतिविधियां हैं। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का श्रेणी निम्न है-
खाद्य उत्पादो एवं पेय पदार्थ, चीनी और चीनी से संबंधित उत्पादो, तम्बाकू उत्पाद, रसायन और रासायनिक उत्पाद, धातु, रबड़ एवं प्लास्टिक उत्पाद, मोटर वाहनों सहित धातु निर्माण कार्य, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर, वस्त्र, पहनने वाले वस्त्र, संचार उपकरण, परिवहन उपकरण, विद्युत तंत्र एवं उपकरण, फर्नीचर, गैर-धातु खनिज उत्पाद, प्रकाशन, मुद्रण एवं मीडिया, कागज और कागज उत्पाद, कांच के बने पदार्थ एवं चमड़े से संबंधित उत्पाद।
अन्य मुख्य उद्योग हैं: वनस्पति और पशु तेल और वसा, डेयरी उत्पाद, अनाज मिल उत्पाद, पशु चारा तथा कालीन।
उत्तर प्रदेश में निर्यात हेतु कई वस्तुओं का उत्पाद किया जाता है जैसे कि सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर हार्डवेयर, रसायन, पत्थर से निर्मित उत्पाद, पीतल का काम, पान के पत्ते, आलू से संबंधित उत्पाद, हाथ द्वारा किया गया मुद्रण, चमड़े कि वस्तुएं, सूती धागा, साड़ी, रेशम की पोशाक सामग्री, काले मिट्टी के बर्तन, हस्तकला वस्तु, कला उत्पाद एवं आभूषण आदि।
हाल के वर्षों में, राज्य में सेवा क्षेत्र में वृद्धि के साथ-साथ प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी का एक प्रमुख केंद्र बनकर भी उभरा है। प्रदेश में दूरसंचार, बैंकिंग, बीमा, परिवहन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा में भारी वृद्धि देखी गई है क्योंकि प्रदेश कि क्रय शक्ति में सुधार हुआ है।
वर्ष 2012-13 उपरांत से उत्तर प्रदेश में सड़कों, एक्सप्रेसवे,जिलों में सड़कों के निर्माण एवं बिजली आपूर्ति के कारण आधारिक संरचना में काफी विकास देखा गाय है।

प्रदेश में कई विश्वविद्यालय, शोध संस्थान और निर्माण संयंत्र हैं. कानपुर में आई आई टी, लखनऊ में आई आई एम के आतिरिक्त विश्वविद्यालयों में लखनऊ, गोरखपुर, बुंदेलखंड (झाँसी), रूहेलखंड (बरेली), कानपुर, आगरा, पूर्वांचल (जौनपुर), चौधरी चरण सिंह (मेरठ) प्रमुख हैं । अन्य संस्थानों में बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, गोरखपुर एन आई टी, कानपुर में एच बी टी आई, प्रयागराज में आई आई आई टी और आगरा में दयालबाग शिक्षण संस्थान प्रमुख हैं ।

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अंतिम नवीनीकृत तिथि : बुधवार, Dec 5 2018 2:36PM