चालू गतिविधियां

कार्य

1. कच्छपुरा एवं महताब बाग क्षेत्र, आगरा का पुनरोद्धार

विवरण स्थिति
पैकेज संख्या 02/आगरा/प्रो-पुअर/यू.पी.टी./डब्ल्यू/2016
अनुबंध संख्या 27/यू.पी.टी./एडीए/2017-18
ठेकेदार का नाम मेसर्स राम अवतार गुप्ता
अनुबंध का मूल्य रु. 17,87,89,147.00
अनुबंध हस्ताक्षरित 6 अक्टूबर 2017
कार्यवाही शुरु करने के लिए सूचना 21 दिसंबर 2017
कार्य प्रारंभ होने की तिथि 1 जनवरी 2018
कार्य पूरा होने की अनुमानित तिथि 31 दिसंबर 2019
परियोजना गतिविधियां
  • आगंतुकों हेतु पार्किंग एवं सुविधाएं
  • महताब बाग तक पहुंचने का मार्ग व पैदल पथ
  • खेतों से गुज़र कर कच्छपुरा तक जाने वाले पैदल पथ पर खड़ंजा
  • गलियों में नालियां/ढक्कन तथा खड़ंजा
  • चार सामुदायिक चौकों का पुनर्निर्माण
  • आधारभूत सुविधाएं (शौचालय, स्वच्छता, जलनिकास एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन )
  • गावों में कुओं का समेकन
  • अग्रभागों के लिए नगरीय डिज़ाइन दिशा-निर्देश, सड़कों के सामान, पट्टिकाएं एवं सार्वजनिक स्थलों का गावों एवं कच्छपुरा विलेज वाक ब्रोशर में सृजन

2. ताजमहल एवं आगरा किले के मध्य शाहजहां पार्क वॉक-वे का पुनरोद्धार

विवरण स्थिति
पैकेज संख्या 01/आगरा/प्रो-पुअर/यू.पी.टी./डब्ल्यू/2016
अनुबंध संख्या अनुबंध संख्या  26/ यू.पी.टी /ए.डी.ए./2017-18
ठेकेदार का नाम मेसर्स मित्तल एसोसिएट्स एवं मेसर्स कैला देवी कंसट्रकशन, आगरा का संयुक्त उद्यम
अनुबंध का मूल्य रु. 18,05,82,768.00
अनुबंध हस्ताक्षरित 6 अक्टूबर 2017
कार्यारम्भ हेतु नोटिस की तिथि 21 दिसंबर 2017
कार्य आरंभ होने की तिथि 1 जनवरी 2018
कार्य पूर्ण होने की अनुमानित  तिथि 31 दिसंबर 2019
परियोजना गतिविधियां
  • यातायात प्रबंधन, ट्रैफिक लाइट्स एवं मुख्य जंकशन्स पर क्रासिंग का उचित प्रबंधन
  • प्रवेश द्वारों एवं चढ़ने-उतरने की व्यवस्थाएं
  • आगरा किले तक प्राकृतिक पथ का निर्माण
  • परिपथ का पुनर्गठन एवं मुख्य पैदल मार्ग पर फर्नीचर की व्यवस्था
  • पैदल यात्री परिधि मार्ग का विकास
  • झील, वन, क्रीडा स्थल एवं हरियाली का विकास
  • पट्टिकाएं, प्रकाश एवं स्ट्रीट फर्नीचर
  • पार्क ब्रोशर 

3. ताजमहल, आगरा के पश्चिमी गेट पर आगंतुक केंद्र व पार्किंग का पुनर्वास

विवरण स्थिति
पैकेज संख्या 03/आगरा/प्रो-पुअर/यू.पी.टी./डब्ल्यू/2016
अनुबंध संख्या 36/ए.डी.ए./2017-18
ठेकेदार का नाम मेसर्स चिन्मय कंसट्रकशन एवं मेसर्स स्प्रिंग डेवलपर्स लखनऊ का संयुक्त उद्यम
अनुबंध का मूल्य रु 85,77,36,538.00
अनुबंध हस्ताक्षरित 23 अक्टूबर 2017
कार्य प्रारंभ करने की नोटिस तिथि 27 दिसंबर 2017
कार्य प्रारंभ करने की तिथि --------------
कार्य पूरा होने की अनुमानित तिथि --------------
परियोजना गतिविधियां
  • भूतल पार्किंग (19 बड़ी बसें, 07 मध्यम आकार की बसें एवं चालकों/अनुरक्षकों हेतु शौचालय, चालकों हेतु विश्राम स्थल, पार्किंग प्रशासनिक कक्ष, विद्युत पैनल कक्ष, टोकन के लिए किओस्क एवं कार लिफ्ट )
  • भूमिगत पार्किंग 01 (कुल क्षेत्रफल – 8803.42 वर्गमीटर, कारें – 224, दुपहिया वाहन -149,
  • भूमिगत पार्किंग 02 (कुल क्षेत्रफल – 8803.42 वर्गमीटर, कारें – 230, दुपहिया वाहन -149)
  • आगंतुक केंद्र - (सुरक्षा जांच क्षेत्र, सूचना बूथ, प्रतीक्षा क्षेत्र, पर्यटन पुलिस क्षेत्र, ए.टी.एम. क्षेत्र, टिकट काउंटर, स्वचालित वेंडिंग मशीन, प्राथमिक उपचार कक्ष, लाकर कक्ष, प्रशासनिक कक्ष)
  • मीना मार्केट (71 दूकानों का नवस्वरूप)

4. वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर क्षेत्र का पुनर्वास

विवरण स्थिति
पैकेज संख्या 01/ब्रज/प्रो-पुअर/यू.पी.टी./डब्ल्यू/2016
अनुबंध संख्या 01/लेखा/2017-18
ठेकेदार का नाम मेसर्स राम अवतार गुप्ता
अनुबंध का मूल्य रु.23,53,32,352.00
अनुबंध हस्ताक्षरित 6 अक्टूबर 2017
कार्य प्रारंभ करने की नोटिस तिथि 27 दिसंबर 2017
कार्य प्रारंभ होने की तिथि 8 जनवरी 2018
कार्य पूर्ण होने की अनुमानित तिथि 07 जनवरी 2020
परियोजना गतिविधियां
  • कालीदेह पार्किंग का पुनर्विकास
  • दारुक पार्किंग का पुनर्विकास
  • बांके बिहारीजी तक जाने वाली सभी गलियों एवं जलनिकास मार्गों (नालियों) की मरम्मत
  • बांके बिहारीजी के पीछे कम्युनिटी प्लाज़ा का विकास
  • पट्टिकाओं, मार्ग प्रकाश व्यवस्था, फर्नीचर एवं लैण्डस्कैपिंग में सुधार
  • परिक्रमा मार्ग हेतु नगरीय डिज़ाइन के दिशा निर्देश

परामर्श कार्य

1. सत्कार/आतिथ्य प्रशिक्षण के विकास एवं प्रदायीकरण हेतु परामर्शी सेवाएं

परामर्शी सेवाएं का उद्देश्य

परियोजना क्षेत्रों में पर्यटन विभाग, अन्य एजेंसियों एवं हितधारकों के लिये सत्कार प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विकास एवं प्रदायीकरण करना।

कार्य क्षेत्र (स्कोप ऑफ वर्क)

  • राज्य में वर्तमान में पर्यटन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की उनके प्रभाव सहित समीक्षा।
  • लक्षित परियोजना क्षेत्रों में संबंधित विभाग एवं एजेंसियों की पहचान तथा उनकी आवश्यकता के औचित्य का मूल्यांकन करना।
  • देश एवं विदेश में पर्यटन संबंधी हो रही उच्च कोटि की प्रक्रियाओं का संकलन करना।
  • प्रशिक्षण के लिए लक्षित समूहों का चयन, लक्षित क्षेत्रों में परियोजना के उद्देश्यों का प्रतिपादन।
  • प्रत्येक लक्षित समूह के लिए अनुकूलित प्रशिक्षण कार्यक्रम का विकास एवं सामग्री जिसमें कंटेंट्स, सत्र, प्रशिक्षण एवं प्रस्तावित गतिविधियों की पूरी जानकारी हो।
  • प्रशिक्षण मूल्यांकन एवं परिणामों की निगरानी प्रक्रिया का विकास।
  • प्रशिक्षण की निगरानी एवं प्रदायीकरण।

डिलीवरेबल्स

क्रम संख्या . डिलीवरेबल्स डाउनलोड करें
1. इनसेप्शन रिपोर्ट जिसमें औचित्य मूल्यांकन, फील्ड विजिट निष्कर्ष तथा प्रस्तावित कार्यप्रणाली का वर्णन हो फ़ाइल का नाम
2. प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं सामग्री को ड्राफ्ट करना फ़ाइल का नाम
3. कार्यक्रम का परीक्षण फ़ाइल का नाम
4. परीक्षण के बाद अंतिम प्रशिक्षण सामग्री/मॉड्यूल फ़ाइल का नाम
5. प्रशिक्षण कार्यक्रम की इंप्लीमेंटेशन रिपोर्ट एवं मूल्यांकन फ़ाइल का नाम

2. आगरा, ब्रज क्षेत्र एवं बुद्धिस्ट परिक्षेत्र में रचनात्मक उद्योगों की संभावनाओं का पता लगाने हेतु परामर्शी सेवाएं

परामर्शी सेवाओं के चयन का उद्देश्य

अपने मूल उद्देश्यों में से एक, इस परियोजना से शिल्पियों,उद्यमियों एवं कलाकारों को लक्षित क्षेत्रों में तकनीकी, वित्तीय सहायता एवं सलाह दिया जाना आशान्वित है ताकि वे बाधाओं से निकल सकें एवं अवसरों को स्वयं में अवशोषित कर सकें, जिससे पर्यटन लिंकेजेज़ के माध्यम से उन्हें अनवरत रोज़गार तथा आय उपार्जन अवसर प्राप्त होते रहें।
इस संदर्भ में, यह असाइन्मेंट परियोजना क्षेत्र में पर्यटन लिंकेजेज़ के माध्यम गरीबी कम होने के साथ रचनात्मक उद्योगों का पता लगाना एवं सहायता प्रदान की जा सकती है। साथ ही इस असाइनमेंट को दिशा निर्देश देने वाला भी होना चाहिए कि किस स्थान पर कौन सी गतिविधि उत्तम रहेगी। इस परियोजना के अंतर्गत रचनात्मक उद्योगों की दिशा तय करने हेतु एक रोड मैप भी होना चाहिए।

कार्य क्षेत्र (स्कोप ऑफ वर्क)

इस असाइनमेंट के पूर्ण होने पर परियोजना टीम को प्रत्येक लक्षित क्षेत्र में रचनात्मक उद्योगों द्वारा अनुभव की जानी वाली कठिनाइयों व अवसरों की उपलब्ध्ता की गहरी समझ होनी चाहिए। साथ ही एक सुस्पष्ट रोड मैप होना चाहिए जिसमें ये उल्लिखित रूप से दर्ज हो कि किन अवसरों पर कौन सा एक्शन लेने से परियोजना इन उद्योगों को क्रमशः लाभान्वित कर सकती है।
इस प्रयोजन हेतु, परामर्शी कंपनी संख्यावाचक एवं गुणवत्ता वाचक शोध प्रक्रिया का प्रयोग कर सकती है, जिसमें आंकड़े, सर्वेक्षण, साक्षात्कार एवं इंटरनेट आधारित शोधकार्य भी संभव है। परामर्शी कंपनी संख्यावाचक एवं गुणवत्ता वाचक तरीकों का प्रयोग समसामयिक प्रवित्तियों को स्थापित करने में तथा रचनात्मक उद्योगों का अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों से तुलनात्मक अध्ययन करने में कर सकती है। वैसे इस असाइनमेंट को सदा निम्नलिखित प्रणालियों का प्रयोग करना चाहिए:-

क) साहित्यिक समीक्षा

  • किसी भी नए शोध को शुरु करने से पूर्व पुराने शोध की समीक्षा करना।
  • किसी नज़दीकी क्षेत्र में किए गए समान कार्य की समीक्षा करना जिससे नई सीमाएं निर्धारित करने व शोध हेतु दूसरों के अनुभवों से कुछ दिशा निर्देश मिल सके।
  • लक्षित क्षेत्र में रचनात्मक उद्योगों के बीच जानकारी की कमी को आंकना और तदनुसार अमल करना।

 ख) सरकारी आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण करना

  • रचनात्मक उद्योगों के रोजगार, जीवन यापन, व्यापार संख्या, अन्य उपायों में योगदान का आकलन करना। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण की एक विशाल शृंखला उपलब्ध है, जहां से रचनात्मक उद्योगों से संबंधित आंकड़े लिए जा सकते हैं।

 ग) उद्योगोन्मुख अध्ययन

  • वैयक्तिक उद्योगों का अध्ययन गुणवत्ता वाचक तरीकों से करना यथा व्यापारियों से साक्षात्कार। इस प्रकार की गतिविधियां शोधार्थियों के लिए उप क्षेत्र में गहराई के साथ नई संभावनाएं तलाश करने में सहायक होंगी।

घ) गैर –सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण

  • मार्केटिंग एवं अन्य उद्देश्यों के लिए स्रोतों यथा निजी क्षेत्र द्वारा जनित आंकड़ों को संकलित करना एवं इस्तेमाल करना। व्यापार मंडल व औद्योगिक इकाइयों के पास उनके सदस्यों के आंकड़ों से संबंधित रजिस्टर होते हैं, जिनका प्रयोग किया जाना चाहिए। अन्य उपयोगी स्रोतों के लिए व्यापार समाचार पत्र, विश्वविद्यालयों द्वारा किए गए शोध कार्य, एनजीओ या आनलाइन सामाजिक/व्यापारिक नेटवर्क्स का भी आश्रय लिया जा सकता है।

ड़) व्यापार की निर्देशिका

  • यदि कोई विश्वसनीय गैर-सरकारी आंकड़ा उपलब्ध न हो तो शोध टीम प्राथमिक रिसर्च कर सकती है। इस शोध को प्रारंभ करने के लिए बेहतर होगा कि परियोजना लक्षित क्षेत्रों या स्थानों में लिप्त रचनात्मक व्यापार उद्योगों की एक निर्देशिका बना ली जाए। शोधार्थी इस हेतु तमाम स्रोतों की सहायता ले सकते हैं, जिसमे उनका अपना ज्ञान एवं सेक्टर में उनके संपर्क शामिल होंगे, जिससे ऐसी सूची का संकलन किया जा सकता है। ये जानकारियां “स्नोबाल” सर्वेक्षण के तौर पर प्रयोग की जा सकती हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां शोधार्थियों से यह पूछा जाता है कि वे किस रचनात्मक उद्योग के विषय में जानते हैं। इस प्रकार की जानकारी को आनलाइन भी प्राप्त किया जा सकता है तथा अनौपचारिक क्षेत्र में पहुंचा जा सकता है जोकि सरकारी आंकड़ों में मिलना संभाव्य नहीं।

च) केस स्टडीज़

  • अपने शोध को रचनात्मक उद्योगों के अवलोकन (विभिन्न केस स्टडीज़ की सहायता से) द्वारा और भी अधिक विस्तृत करना। इन उद्योगों की बहुत सी परियोजनाओं को अपने शोध हेतु चयनित करना अथवा रचनात्मक क्षेत्रों में कार्यरत संगठनों से उनके आर्थिक एवं सामाजिक प्रभावों पर एक वृहद विश्लेषण तैयार करना।

छ)  रिपोर्ट एवं रोड मैप

  • चिन्हिकरण के पश्चात, परामर्शी कंपनी को एक सरल एवं पठनीय रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए जिसमें लक्षित क्षेत्र में चिन्हित किए गए सभी रचनात्मक उद्योगों का विस्तृत वर्णन हो। इस विवरण में एक रोड मैप भी होना आवश्यक है जिसमें विभिन्न संस्तुतियां और कार्यवाहियों का वर्णन हो कि कब और कैसे विसंगतियों से पार पाया जा सकता है तथा कैसे चयनित रचनात्मक उद्योगों का पोषण किया जा सकता है। इस रिपोर्ट के आंकड़े लिंग, जाति, आयु एवं अन्य सामाजिक-आर्थिक बिंदुओं पर, यथासंभव, अलग-अलग होने चाहिए, इन आंकड़ों में ये भी निम्न घटक भी शामिल किए जा सकते हैं:-
  • रचनात्मक उद्योग की प्रोफ़ाइल में सदा इन बातों का समावेश होना चाहिए :- (1) उच्चता एवं संस्थान का प्रकार, (2) आर्थिक क्रियाओं का स्तर (यथा कुल व्यापार, मासिक आय, वर्ष में रोज़गार के दिन आदि), (3) क्षमता का स्तर , (4) उत्पाद/प्रतिभा, (5) प्रयोग में लायी जा रही तकनीक, (6) वित्तीय क्षेत्र में हस्तक्षेप (7)  बाज़ारोन्मुखता, (8) स्वास्थ्य व बीमा क्षेत्र में हस्तक्षेप का स्तर, (9) सुरक्षा एवं संरक्षा की कोटि तथा इसका आर्थिक क्रियाओं पर प्रभाव। प्रोफ़ाइल से घरेलू उद्यम, स्व-व्यवसाय तथा पर-व्यवसाय का भी पता चलना चाहिए।
  • व्यापार विकास, माध्यमिक वित्तीय संस्थान, विपणन संस्थान, एनजीओ, अन्य एजेंसियां तथा नेटवर्क्स जो रचनात्मक उद्योगों के साथ कार्यरत हैं, यथासंभव, सहायक सेवाओं का आकलन तथा साथ-साथ वे समस्याएं भी जो इन संस्थाओं द्वारा बहुधा देखी जाती हैं।
  • रचनात्मक उद्योगों द्वारा देखी जाने वाली समस्याएं तथा अवसर (उन समस्याओं को इंगित करें जो महिलाओं/अनुसूचित जाति/जन जाति एवं युवाओं द्वारा झेली जाती हैं)एवं उन तत्वों का वर्णन जो प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में सहायक होते हैं।
  • प्रत्येक उद्योग में नवोन्मेष को बढ़ावा देने वाले वास्तविक एवं क्षमता वाले स्रोत।
  • प्रत्येक रचनात्मक उद्योग में मौजूद कुछ रिक्तताओं का वर्णन (उदाहरण स्वरूप, कच्चे माल की आपूर्ति, उत्पादन ढांचा, बाज़ार से सम्बद्धता, सरकारी योजनाओं तक पहुंच आदि) जो कि किसी भी उद्योग के प्रथम कार्य में तथा उसके क्षमता क्षेत्र में बाधा डालने वाले होते हैं।
  • उपरोक्त विसंगतियों को दूर करने हेतु अवसरों की उपलब्ध्ता।

ज)हस्तक्षेप के क्षेत्रों में विचारोत्तेजक रचनात्मक उद्योग:

  • आगरा – संगमरमर, जड़ाऊ काम, पेठा, चमड़े के सामान, हस्तशिल्प, मूर्तियां, मनके एवं अन्य यादगार सामान इत्यादि।
  • ब्रज – फूलों की खेती, गऊ अर्थव्यवस्था( दुग्ध उत्पाद, प्रसाद, नवीकरणीय ऊर्जा एवं गऊ  से संबंधित अन्य उत्पाद), हस्तशिल्प, कृष्ण परिधान, माला मनके, तुलसी माला, फोटो फ़्रेमिंग मूर्तियाँ, प्रदर्शन करने वाली कलाएँ यथा – रास लीला, लोक संगीत एवं कला)
  • बुद्धिस्ट परिक्षेत्र – स्थानीय पारंपरिक हस्तशिल्प सामान , टेराकोटा की वस्तुएं, पर्यटन उद्योग से जुड़े कृषि उत्पाद, लकड़ी के कार्य एवं यादगार सामान।

डिलीवरेबल्स

क्रम संख्या डिलीवरेबल्स डाउनलोड करें
1. इनसेप्शन रिपोर्ट जिसमें विस्तृत कार्य योजना, कार्य प्रणाली, रिपोर्ट आउटलाइन व अन्य तथ्यों के मध्य अनुसूची शामिल हो फ़ाइल का नाम
2. शुरुआती निष्कर्ष के साथ प्रारंभिक रिपोर्ट एवं परियोजना लक्षित क्षेत्रों में रचनात्मक उद्योगों के विकास फ़ाइल का नाम
3. प्रत्येक परियजोना लक्षित क्षेत्र में सभी कार्यों की रिपोर्ट तैयार करना फ़ाइल का नाम
4. अंतिम रिपोर्ट जिसमे क्लाइंट एवं अन्य की अंतिम टिप्पणी सम्मिलित हो, जैसा ड्राफ्ट अंतिम रिपोर्ट में अपेक्षित हो फ़ाइल का नाम

3.उत्तर प्रदेश राज्य के लिए परियोजना प्रबंधन एवं सूचना तंत्र (एमआईएस)

परामर्श का उद्देश्य

प्रस्तावित परामर्श के विशिष्ट उद्देश्य निम्नलिखित हैं:-

  • परियोजना का आधार अद्यतन रखना।
  • परियोजना के लिए एक निगरानी एवं मूल्यांकन फ्रेमवर्क विकसित करना।
  • परियोजना के अनुश्रवण एवं मूल्यांकन के लिए विकेन्द्रीकृत प्रबंधन सूचना तंत्र स्थापित एवं विकसित करना जिससे परियोजना की संपूर्ण रूप से निगरानी करी जा सके एवं बाद में कार्य क्षेत्र में अन्य प्रयोजनों के लिए भी कार्य हो सके।
  • पर्यटन विभाग/विश्व बैंक द्वारा साफ्टवेयर स्वीकार करने के तीन वर्ष पश्चात तक सिस्टम वारंटी के अधीन बनाए रख कर सपोर्ट करना।

कार्य क्षेत्र (स्कोप ऑफ वर्क)

इस असाइनमेंट का मुख्य उद्देश्य एक उपभोक्ता-उन्मुख व्यावहारिक विकेंद्रीकृत प्रबंधन सूचना तंत्र की डिज़ाइनिंग एवं स्थापना करना है, जो परियोजना की दैनिक गतिविधियों, व्ययों, प्रदर्शन, राज्य स्तर पर डाटा प्रबंधन, (परियोजना क्षेत्रों एवं उप-परियोजना स्तर पर) की निगरानी कर सके।
कंसल्टेंसी एक यूज़र-फ्रेडली स्वनिर्धारित साफ़्टवेयर विकसित करने में सहायक होगी जिससे परियोजना की मानीटरिंग, जांच पड़ताल तथा परियोजना की प्रगति का मूल्यांकन भी किया जा सकेगा। इसके द्वारा परियोजना की गतिविधियों, व्यय, परिणाम एवं विकास के प्रभाव का भी मूल्यांकन किया जा सकेगा।
इस संदर्भ में, कंसल्टेंसी को स्वयं को परिचित बनाने से शुरू होना चाहिये तथा परियोजना को एक क्रियाशील मैनुअल व इसके संस्थागत प्रबंधों का निर्धारण करना बताना चाहिए।
उपरोक्त असाइनमेंट अन्य गतिविधियों के साथ, निम्नलिखित गतिविधियों में भी शामिल है :-

  • परियोजना की आधारगत बातों को अद्यतन रखना।
  • परियोजना के मूल्यांकन एवं निगरानी हेतु एक फ्रेमवर्क विकसित करना जो इसके विकास उद्देश्यों को पूरा करता हो।
  • परियोजना के सूचना तंत्र को प्रारूप देना एवं उसे स्थापित करना।
  • परियोजना क्रियान्वयन दल को प्रशिक्षण वृद्धि की क्षमता प्रदान करना।
  • परियोजना टीम से प्राप्त इनपुट/प्रतिक्रिया के अनुसार नियत कालीन अद्यतन का तंत्र बनाए रखना।

डिलीवरेबल्स

क्रम संख्या डिलीवरेबल्स फ़ाइल डाउनलोड करें
1. इनसेप्शन रिपोर्ट फ़ाइल का नाम
2. फ्रेमवर्क दस्तावेज फ़ाइल का नाम
3. परियोजना आधार रेखा अद्यतन फ़ाइल का नाम
4. सुगठित एवं यूज़र फ़्रेंडली परियोजना सूचना तंत्र की डिज़ाइन एवं स्थापना फ़ाइल का नाम
5. स्वनिर्धारित रिपोर्टिंग टैम्पलेट्स फ़ाइल का नाम
6. प्रशिक्षण कार्यक्रम परीक्षण एवं परियोजना टीम प्रशिक्षित फ़ाइल का नाम
7. संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम, टैम्पलेट्स आदि के साथ फाइनल रिपोर्ट फ़ाइल का नाम

4. आगरा में चीनी का रौज़ा, इत्माद-उद-दौला एवं 11 स्टेप गार्डेन में आधार भूत सेवाओं के प्रावधान तथा नदीतट विकास के डिज़ाइन एवं पर्यवेक्षण हेतु परामर्शी सेवाएं

परामर्शी सेवाओं का उद्देश्य

एक योग्य एवं विशेषज्ञ परामर्शी चयन की आवश्यकता है जो रामबाग से महताब बाग तक के लिए रिवर फ्रंट के विकास का पूर्ण वैचारिक दृष्टिकोण के साथ एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करे जिसमें चीनी का रौज़ा, इतमाद-उद-दौला एवं 11 स्टेप गार्डेन में रह रहे समुदायों से विस्तृत हस्तक्षेप हो।

वैचारिक दृष्टिकोण दस्तावेज एवं संबंधित डीपीआर में रिवरफ्रंट क्षेत्र हेतु समग्र डिजाइन दृष्टिकोण एवं उसके पास विशिष्ट उद्यानों/समुदायों, साइट प्लान एवं मानचित्र, लैण्डस्कैपिंग हेतु सुसंगत प्रस्ताव के साथ विस्तृत डिजाइन, साइनेज एवं अन्य मुख्य भौतिक पहलू एवं साथ ही कोई भी उचित वास्तुकला एवं अभियांत्रिकी निर्धारण को सम्मिलित करता है। साथ ही इसमे आवश्यक पर्यावरणीय एवं सामाजिक मूल्यांकन एवं उक्त उल्लिखित डीपीआर के वास्तविक क्रियान्वयन के पर्यवेक्षण हेतु प्लान भी शामिल होगा। दोनों को भौतिक सांस्कृतिक संसाधनों के पर्याप्त अपस्ट्रीम एकीकरण व निष्पादन से पहले उप-परियोजना डिजाइन में पर्यावरण और सामाजिक जोखिम प्रबंधन पहलुओं को सुनिश्चिती करना होगा।

डीपीआर को रिवर फ्रंट को पूर्ण रूप से संरक्षित करने के साथ विकास हेतु दीर्धकालिक लक्ष्य के इंपुट के रूप में प्रस्तावित किया जाएगा एवं साथ ही चयनित उद्यानों, स्थलों एवं नदी के किनारे के स्थलों को एवं इसके पास बसे समुदायों की जीवन शैली को बेहतर बनाने में जो प्रो-पुअर, सतत एवं वकसित इतिहास के प्रति संवेदनशील हो एवं आगरा एवं उसके नागरिकों के लिए विकासशील साबित हो।

कार्य क्षेत्र (स्कोप ऑफ वर्क)

कार्य क्षेत्र में निम्नलिखित बातों का समावेश होगा परंतु वह इन कार्यों के लिए ही सीमित नहीं होगी:-

  • आगरा में परियोजना के तहत वित्त पोषित किए जाने वाले वैचारिक फ्रेमवर्क व अन्य उप-परियोजनाओं की समीक्षा करना।
  • रिवरफ्रंट के पुनरुत्थान एवं भौतिक हस्तक्षेप व उनके प्रबंधन हेतु एक वैचारिक योजना को परिष्कृत करना जो नगर तथा स्थलों के विकसित इतिहास के लिए सतत, समावेशी और संवेदनशील हो।
  • संभावित भौतिक सांस्कृतिक संसाधनों, पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभावों जो उप-परियोजना के संबद्ध को देखना एवं उसकी पहचान करना।
  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को तैयार करना जिसमे सभी तकनीकि ड्राइंग एवं बिडिंग एवं पुरस्कार चरणों हेतु निर्धारण तैयार हों;
  • प्रस्तावित उप-परियोजनाओं के कार्यान्वयन से सम्बद्ध हितधारकों से मिलकर उनकी सहभगिता को सुनिश्चित करना एवं;
  • बाद के चरण में, प्रस्तावित कार्यों और गतिविधियों के निष्पादन की निगरानी करना, जिसमे गुणवत्ता सुनिश्चित करना एवं तकनीकी निर्णय प्रस्तुत करना, मात्रा का सत्यापन, माप की रिकॉर्डिंग, माप के प्रमाणन और ठेकेदार के बिल शामिल हों।

डिलीवरेबल्स

क्रम संख्या डिलीवरेबल्स दस्तावेज़ डाउनलोड करें
1. इनसेप्शन रिपोर्ट जिसमे पीसीआरआईए, ईआईए एवं एसआईए की विधि, सैंपलिंग प्रक्रिया एवं रूपरेखा का वर्णन हो। जैसा इस टीओआर में उल्लिखित है सभी मुख्य पहलुओं पर विचार करते हुए कंसल्टेंसी उप परियोजना हेतु सभी योजनाओं को व्यापक सांस्कृतिक, पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रबंधन योजना को समेकित करने पर विचार पर सकती है। फ़ाइल का नाम
2. जैसा उपयुक्त हो पीसीआरआईए, ईआईए एवं एसआईए के प्रत्येक सेक्शन की वैचारिक योजना, योजनाबद्ध चित्रों एवं निष्कर्ष, मुद्दों एवं परामर्शी प्रक्रिया, शुरुआती संस्तुतियां एवं आगे का विवरण फ़ाइल का नाम
3. स्पष्ट, तार्किक एवं पठनीय तरीकों में डीपीआर तैयार करना एवं विकसित दस्तावेजों को सुरक्षित करना। कोई भी अतिरिक्त सामग्री जो डीपीआर एवं क्षेत्र मूल्यांकन के लिए एकत्र करी गई हो उसे भी जमा किया जाना चाहिए। फ़ाइल का नाम
4. उत्तर प्रदेश सरकार एवं विश्व बैंक की सभी टिप्पणियों को समाहित कर अंतिम डीपीआर एवं दस्तावेजों को सुरक्षित करना फ़ाइल का नाम
5. काम से पहले, उसके दौरान एवं बाद में नियमित पर्यवेक्षण रिपोर्टिंग, नियमित क्षेत्र की निगरानी चेकलिस्ट, अनुशंसित सुधार और / या संशोधन, परीक्षण के रिकॉर्ड, माप, प्रगति रिपोर्ट इत्यादि फ़ाइल का नाम

5. पुनरोद्धार के लिए पर्यवेक्षण परामर्श हेतु परामर्शी सेवाएं, क) कच्छपुरा व महताब बाग क्षेत्र, ख) ताज महल एवं आगरा किले के बीच शाहजहाँ पार्क वाकवे तथा ग) वृंदावन में बाँके बिहारी मन्दिर क्षेत्र का पुनर्वास

परामर्शी सेवा का उद्देश्य

परामर्शी सेवा के मुख्य उद्देश्य निमन्वत हैं-

  • निविदा ड्राइंग को पूर्व के निविदा दस्तावेजों से समीक्ष एवं सहसंबंध करना एवं तद्नुसार ड्राइंग को संशोधित एवं तैयार करना जो निर्माण के लिए बेहतर साबित हो एवं अनुबंधित फर्म को निर्गमन करें।
  • निविदा प्रपत्रों में सम्मिलित कुछ चयनित घटकों को पुनः डिज़ाइन करना।
  • अतिरिक्त घटकों के लिए विस्तृत डिजाइन, अनुमान एवं निविदा दस्तावेजों को तैयार करना, जो परियोजना क्षेत्र में सुधार कार्य को पूर्ण करने हेतु आवश्यक हो।
  • पर्यटन विभाग एवं क्रियान्वयन संस्थाओं (आगरा विकास प्राधिकरण तथा मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण) को निर्माण प्रबंधन एवं पर्यवेक्षण में सहायता प्रदान करना। चिन्हिकृत/चयनित कार्य जो कि कच्छपुरा और महताब बाग क्षेत्र, “शाहजहाँ पार्क वाकवे” जो ताजमहल और आगरा किले के बीच स्थित है तथा बांकें बिहारी मंदिर क्षेत्र का पुनरुद्धार करना तथा अन्य उपलब्ध अतिरिक्त उपायों का समायोजन कर सहायता प्रदान करना।

कार्य क्षेत्र (स्कोप ऑफ वर्क)

उप-परियोजना (1-3) में उल्लिखित सभी कार्यों का क्रियान्वायन हेतु टेंडरिंग जारी किया जा रहा है। अनुबंध प्रदायी फ़र्म का चयन प्रक्रियाधीन है। कार्य विभिन्न अनुबंध पैकेजों में प्रारंभ किया जाएगा, दो आगरा में तथा एक वृंदावन में। संपूर्ण परामर्शी असाइनमेंट 4 भागों में विभाजित है। कार्य की संभावनाओं में निम्नलिखित बातों का समावेश होगा परंतु वह इन कार्यों के लिए ही सीमित नहीं होगी :-

कार्य 1 - आरेखण के टेंडर की समीक्षा एवं विस्तृत निर्माण आरेखण तैयार करना

इस कार्य के अंतर्गत निम्न गतिविधियों शामिल हैं, पर यह निम्न तक सीमित नही हैं:-

  • निविदा में उपलब्ध आरेखों (चित्रों) का बोली दस्तावेज़ों में दिये गए प्रविधानों से मिलान करना।
  • उन आरेखों की यथार्थता का मूल्यांकन/अथवा वांछित परिवर्तनों का सुझाव देना।
  • निर्माण हेतु विस्तृत मानचित्र तैयार करना एवं उसे अनुबंधित फ़र्म को देना।

कार्य 2 – कार्य में सम्मिलित किए गए कुछ अन्य घटकों को पुन: डिज़ाइन करना

उप-परियोजनाओं में कुछ चिन्हित घटक हैं जिन्हें पुनः डिज़ाइन करने की आवश्यकता है। ये घटक निम्नलिखित हैं:-

  • कच्छपुरा ग्राम में मल निकासी का नेटवर्क
  • कच्छपुरा गांव में गलियों और रोड पर भवन के आगे के भाग का उन्नयन
  • शाहजहां पार्क के प्रवेश द्वार प्लाजा की डिजाइन
  • बाँके बिहारी मन्दिर क्षेत्र में गलियों और सड़कों पर भवनों के आगे का भाग का उन्नयन करना
  • उपरोक्त तीनों उप प्रोजेक्ट में साइनेज का डिज़ाइन तैयार करना  
  • सभी ढाँचागत डिज़ाइन घटक तैयार करना
  • उप-परियोजना 1 & 2 में शामिल सभी पार्किंग क्षेत्रों के उपयोगिता ब्लाक्स समीक्षा एवं पुनर्नियोजन (यदि वांछित हो)
  • डिज़ाइन की समीक्षा करना तथा अतिरिक्त डिज़ाइन तैयार करना/ कच्छपुरा में एस.टी.पी., शाहजहाँ पार्क इत्यादि में पेरगोला आदि उप घटकों हेतु आवश्यकतानुसार डिज़ाइन तैयार करना
  • किसी तकनीकी सर्वेक्षण या जांच को करवाना, यदि वांछित हो
  • सामग्री की मात्रा एवं लागत से संबंधित संभावित अनुबंध भिन्नता तैयार करना
  • यथोचित आकलन रिपोर्ट तैयार करना एवं उसे क्रियान्वयन एजेंसी से अनुमोदन हेतु जमा करना
  • निर्माण हेतु संबंधित सभी वृहद आरेख तैयार करना व उसे अनुबंधित फ़र्म को उपलब्ध कराना

कार्य -3 : काम की विस्तृत डिज़ाइन

यह संभावित है कि उप-परियोजना 1, 2 एवं 3 में कवर किए गए क्षेत्रों में कार्य के दौरान कुछ अन्य घटक भी सुधार के लिए चिन्हित किए जाएं। ऐसे में किसी भी घटक हेतु विस्तृत परियोजना तैयार करने हेतु परामर्श की आवश्यकता होगी। इस कार्य की संभावनाएं निम्नलिखित तथ्यों को सम्मिलित करेंगी परंतु यह निम्न तक सीमित नहीं होंगी:-

  • विभिन्न सर्वेक्षण करना जिनमें सामाजिक सर्वेक्षण, स्थलाकृतिक सर्वेक्षण एवं विभिन्न प्रकार की पड़ताल सम्मिलित हो।
  • उप-घटकों की विस्तृत डिज़ाइन तैयार करना, यदि आवश्यक हो।
  • विस्तृत लागत अनुमान तैयार करना।
  • विश्व बैंक के दिशा-निर्देश एवं आवश्यकतानुसार ई.आई.ए., ई.एम.पी. एवं पुनर्वास योजना/एस.एम.पी., यदि वांछित हो, को तैयार/संशोधन करना।
  • विश्व बैंक की आवश्यकता एवं दिशा निर्देश के अनुसार निविदा प्रपत्र तैयार करना।
  • बोली लगाने एवं परियोजना से संबंधित खरीद में क्रियान्वयन एजेंसी को सहायता प्रदान करना।
  • अनुबंध प्रदान किए जाने पर निर्माण आरेखण तैयार कर उसे संबंधित फ़र्म को देना।

कार्य -4: निर्माण प्रबंधन

परामर्शी, उप परियोजना 1, 2, एवं 3 में सम्मिलित सभी कार्यों का निर्माण प्रबंधन सुनिश्चित करेगा। इसका कार्य क्षेत्र निम्नलिखित तथ्यों को सम्मिलित करेगा परंतु इतने में सीमित नही होगी:-

  • एनसीबी, आईसीबी एवं खरीद प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्न कार्यों, उपकरण, सामग्री एवं सेवाओं की खरीद में क्लाइंट को सहायता प्रदान करना जैसी आवश्यकता हो। साथ ही अधिसूचना को तैयार करना, निविदा प्रक्रिया गतिविधियों का फॉलो अप, निविदा मूल्यांकन एवं अनुबंध पराक्रमण एवं टास्क-3 में परामर्शदाता द्वारा कार्य किए जाने हेतु पुरस्कार के लिए सहायता प्रदान करना।
  • क्लाइंट को निविदाओं के मूल्यांकन में एवं मूल्यांकन रिपोर्ट बनाने में, यदि आवश्यक हो तो, सहायता प्रदान करना, कार्य निष्पादन करने हेतु संस्तुति करना तथा टास्क–3 में किये गए कार्यों हेतु अनुबंध तैयार करने में सहायता करना।
  • प्रस्तावित कार्यों के क्रियान्वयन को पर्यवेक्षित करना, जिसमें निगरानी, गुणवत्ता आश्वासन, अनुबंध प्रबंधन एवं तकनीकी निर्णयों का प्रस्तुतिकरण, गुणवत्ता का सत्यापन, माप की रिकार्डिंग, माप का प्रमाणन एवं अनुज्ञापी के बिल सम्मिलित हों। परामर्शी सेवाएं ये आवश्यक रूप से सुनिश्चित करेंगी कि निर्माण कार्य सफलता सहित, सम्बंधित सुरक्षात्मक गतिविधियों एवं समय पर पूरा हो।
  • निर्माण कार्यों का पर्यवेक्षण करना ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अनुज्ञापियों द्वारा सभी सामाजिक एवं पर्यावरणीय सुरक्षात्मक कदम उसी तरह उठाए गए हैं जैसा कि ई.एम.पी. एवं एस.एम.पी. में वर्णित है।
  • क्रियान्वयन इकाइयों, एस.पी.सी.यू. तथा विश्व बैंक द्वारा वांछित पद्धति पर प्रगति रिपोर्ट तैयार करना।
  • समीक्षा सहित संविदा संबंधी मुद्दों के समाधान में क्लाइंट की सहायता करना तथा अनुबंध भिन्नता आदेशों का मूल्यांकन एवं उनकी पुष्टि करना।
  • क्लाइंट को आरेखों के “जैसे बने” होने की समीक्षा करने एवं स्वीकृत करने में सहायता करना, अनुज्ञापियों एवं विभिन्न कर्मचारियों द्वारा बनाए गए कार्यवाही/अनुरक्षण मैनुअल इत्यादि में सहायता करना।
  • पर्यावरण अनुश्रवण एवं प्रबंधन योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।
  • परामर्शदाता, परियोजना से संबंधित सूचनाओं के समयोचित संकलन, वितरण, पुनर्प्राप्ति, भंडारण एवं परियोजना की जानकारी के अंतिम स्वभाव के निस्तारण को सुनिश्चित करने के लिए उचित संवाद प्रक्रिया का प्रबंध करेगा। इस हेतु उन्हे बहुद्देशीय संचार साधनों यथा, डाक, ई-मेल, फैक्स, टेलीफोन तथा इंटरनेट या अन्य साधनों, जिसके लिए क्लाइंट की स्वीकृति हो, का उपयोग करना चाहिए।
  • समग्र निर्माण प्रबंधन में परामर्शदाता के लिए जोखिम प्रबंधन एक महत्वपूर्ण केंद्र बिन्दु है। परियोजना को प्रभावित कर सकने  वाले जोखिमों को चिन्हित एवं विश्लेषण सहित सूचीबद्ध किया जाना चाहिए। परामर्शदाता कार्य निष्पादन के समय जोखिम प्रबंधन योजना की निगरानी सुनिश्चित करेगा।
    • कार्य के प्रत्येक निर्माण स्तर का उचित रिकार्ड बनाए रखना।
    • क्लाइंट को, जैसा आवश्यक हो, पूरे अनुबंध प्रबंधन में सहायता करना।
    • क्लाइंट द्वारा सौंपे गए किसी अन्य कार्य को ग्रहण करना।

परामर्शी द्वारा अपने कार्यालय को उचित स्थान पर स्थापित किया जाएगा जिससे उसे परियोजना के प्रबंधन में सहायता मिल सके। इस कार्यालय में वांछित फ़र्नीचर व उपकरण होंगे जिनकी लागत परामर्शी द्वारा दिये गए प्रपोज़ल में सम्मिलित की जाएगी।

डिलीवरेबल्स

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1.

पर्याप्तता रिपोर्ट

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2.

निर्माण आरेखण के लिए सामग्री

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3.

गुणवत्ता एवं निर्माण मैनुअल

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4.

देय परिश्रम रिपोर्ट

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5.

डिज़ाइन रिपोर्ट

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6.

वृहद परियोजना रिपोर्ट

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7.

निविदा प्रपत्र

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8.

मूल्यांकन रिपोर्ट

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9.

मासिक रिपोर्ट

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10.

त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट

फ़ाइल का नाम
11.

अनुबंध/परियोजना पूर्ण होने की रिपोर्ट

फ़ाइल का नाम
12.

जैसा क्लाइंट द्वारा इच्छित हो ऐसी कोई अन्य प्रासंगिक रिपोर्ट

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6. उत्तर प्रदेश के आगरा एवं ब्रज क्षेत्र में पर्यावरणीय व सांस्कृतिक स्थायित्व वाले सामाजिक रूप से समावेशी पर्यटन विकास के लिए सामुदायिक भागीदारी एवं आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देना

परामर्श के उद्देश्य

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कार्य क्षेत्र (स्कोप ऑफ वर्क)

एजेंसी समुदाय आधारित पर्यटन पहल को सहायता प्रदान करेगी जिससे संघों की स्थापना की जा सके एवं साथ ही बाज़ारों का मूल्यांकन भी करेगी,  वैधानिक सहायता प्रदान करेगी, समुदाय आधारित संसाधन प्रबंधन कार्यक्रम में सलाह देगी, लैंगिक जागरूकता प्रशिक्षण, प्रशासनिक प्रबंधों से सहायता, भागीदारी एवं क्रिया अनुसंधान विधियों का प्रयोग करते हुए वैज्ञानिक सहायता एवं समूहों के बीच लिंक को बेहतर बनाएगी। एजेंसी को अपनी क्षमता का निर्माण सुविधा प्रदान करने वाले के रूप में तथा पर्यटन उद्योग के भीतर सहभागी प्रक्रियाओं के प्रशिक्षकों के रूप में पर्यटन की योजना और सामाजिक उद्यमियों के रूप में करनी चाहिए।
एजेंसी को सभी स्तरों पर हितधारकों के सफल रणनीति से संबंधित अनुभव व ज्ञान को स्वयं से साझा करना चाहिए, क्या बाधाएँ आ सकती हैं और उन्हें कैसे पार किया जाए, इस पर प्रभावी रूप से भागीदारी करनी चाहिए।

डिलीवरेबलस

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अंतिम नवीनीकृत तिथि : मंगलवार, Jan 22 2019 1:23PM