तांगा की सवारी

तांगा वह सवारी है जिसे एक घोड़ा खींचता है। एक समय था जब रेलवे स्टेशन और अन्य स्थानों पर तांगा वाले लाइन से सवारी बैठाने के लिए खड़े रहते थे। फिर उन्हें शहर भर की सैर कराते थे। तांगा में जुते घोड़े भी काफी सजे-संवरे होते थे। समय बदला और यातायात के साधन भी बदल गए।

फिर भी लखनऊ, आगरा और वाराणसी में तांगे की सवारी आज भी की जा सकती है।

आगरा

तांगे में बैठ आगरा घूमना बेहद मस्ती भरा अनुभव है। इस शहर में अधिकतर तांगा वाले ताज महल समेत अन्य स्थानों की सैर पर्यटकों को कराते हैं। यहां के ज्यादातर तांगे ढके  होते हैं। इस खूबी के कारण यह बैठने वाले को शाही ठाठ की अनुभूति देते हैं।

लखनऊ

नवाबों के ऐतिहासिक शहर लखनऊ में तांगे की सवारी यादगार अनुभव है। हालांकि अब सीमित संख्या में ही तांगे वाले बचे हैं, लेकिन उनका अंदाज आज भी नवाबी ही है। तांगे की सवारी का लुत्फ़ लेते हुए पर्यटक इमामबाड़े, भूल-भुलैया, रूमी गेट और चौक व पुराने लखनऊ के इलाकों के दर्शन कर सकते हैं।

वाराणसी

वाराणसी में भी सीमित संख्या में ही तांगे वाले बचे हैं। कुछ खास चुने हुए रूट पर ही तांगे की सवारी की जा सकती है और इस शहर को ताउम्र अपनी यादों में कैद किया जा सकता है।

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अंतिम नवीनीकृत तिथि : सोमवार, Aug 24 2015 11:43AM