ईको पर्यटन के ठिकाने

उत्तर प्रदेश के 16,620 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में सुंदर लैंडस्केप, सुदूर वन्य क्षेत्र, वन्य जीवन, सुंदर परिदृश्य, नदियों और वनस्पतियों के आकर्षक दृश्य मिलते हैं।

उत्तर प्रदेश में ईको पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, उनमे से कुछ इस प्रकार हैं:

पक्षी अभयारण्य : उत्तर प्रदेश में कई पक्षी अभयारण्य स्थित हैं, जहां अनेक प्रकार के प्रवासी पक्षी उत्तरी गोलार्द्ध से यहां सर्दियों के मौसम में पहुंचते हैं।

नवाबगंज पक्षी अभयारण्य : यह एक विशाल झील और विशाल हरे विस्तार के साथ लखनऊ-कानपुर राजमार्ग के बीच के रास्ते पर स्थित है । यहां सर्दियों में साइबेरियन सारस का समूह विश्राम करने पंहुचता है। इसके साथ-साथ यह आर्द्र भूमि सैकड़ों भारतीय एवं प्रवासी पक्षियों का घर भी है । साथ ही यहां हिरण उद्यान, वॉच टावर एवं नौकायों की सवारी भी मौजूद है।

हस्तिनापुर पक्षी अभयारण्य : यह मेरठ के निकट गंगा तट पर स्थित है। यहां परिदृश्य और वास की अद्भुत विविधता देखने को मिल सकती है, जैसे कि आर्द्रभूमि, दलदल, सूखी रेत, नालें इत्यादि। यह अभयारण्य मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, गाजियाबाद और अमरोहा जिले में फैला है। यहां तेंदुए, लकड़बग्‍घो, नीलगाय, चीतल और सांभर पाए जाते हैं।

सुर सरोवर पक्षी अभयारण्य : यह अभयारण्य आगरा के निकट स्थित है जो कई प्रकार के प्रवासी एवं निवासी पक्षियों का घर है। यहां एक बहुत विशाल सरोवर एवं कई मानव निर्मित द्वीप समूह हैं, जिन्होने इस जगह पर चार चाँद लगा दिये हैं।

अन्य वन्यजीव अभयारण्य इस प्रकार हैं :

रानीपुर अभयारण्य (रांची), कैमूर अभयारण्य (मिर्ज़ापुर), समसपुर अभयारण्य ( रायबरेली), सुरहा ताल अभयारण्य (बलिया एवं पटना)

अधिक जानकारी के लिए देखें :

www.upecotourism.in

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अंतिम नवीनीकृत तिथि : सोमवार, Jan 23 2017 12:29PM