वाराणसी-सारनाथ
"वाराणसी उन प्राचीन शहरों में है, जिसका दिल समृद्ध विरासत समेटे हुए आधुनिकता के साये तले भी धड़क रहा है। गंगा किनारे यह शहर हिंदुओं, बौद्ध और जैन समाज के लिए खासी अहमियत रखता है।"

वाराणसी

  • इस शहर की यात्रा का अनुभव आपको भीतर तक बदल कर रख देगा।
  • पृथ्वी और स्वर्ग के बीच वाराणसी को सबसे बड़े तीर्थ के रूप में जाना जाता है। हिंदुओं के लिए तो जीवन में एक बार यहां आकर गंगा स्नान करना बेहद जरूरी माना गया है।
  • पवित्र शहर काशी, पवित्र नदी गंगा और देवों में देव महादेव यानी भगवान शिव के संगम के कारण  मोक्षदायिनी शहर के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह हिंदुओं, बौद्ध और जैन समाज के धार्मिक, आध्यात्मिक विचारों और मान्यताओं का गढ़ रहा है। इसीलिए इसे प्राचीन शिक्षा, धर्म, दर्शन, योग, आयुर्वेद, ज्योतिष शास्त्र, गीत-संगीत, कला-साहित्य और आध्यात्मिकता का सांस्कृतिक केंद्र भी कहा जाता है।
  • घाट किनारे का रोजमर्रा का जीवन और शाम के समय होने वाली गंगा आरती इस पवित्र नदी के प्रति लोगों का नजरिया बदल देती है।
  • बनारसी सिल्क साड़ियां और कालीन ने इसे वैश्विक बाजार में भी पहचान दिलाई हुई है।
  • घाट और मंदिरों में सुबह का समय बिताना आध्यात्मिक स्तर पर मन और चित्त को शुद्ध करने वाला अनुभव है।

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अंतिम नवीनीकृत तिथि : शुक्रवार, Nov 25 2016 1:22PM